Rahul Gandhi Press Conference: नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस और दिल्ली पुलिस के बीच विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। NSUI कार्यकर्ताओं ने हिरासत के दौरान पुलिस पर मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं। बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कथित तौर पर घायल प्रदर्शनकारियों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की और उनके आरोपों को सामने रखा। राहुल ने एक महिला प्रदर्शनकारी को ‘शेरनी’ बताते हुए कहा कि वह कथित कार्रवाई के बावजूद डरी नहीं। NSUI कार्यकर्ता ने लगाए मारपीट के आरोप NSUI कार्यकर्ता समर्थ के मुताबिक, संगठन के सदस्य 4 अक्टूबर से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि 5 अक्टूबर को हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने ले जाया गया, जहां कई पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। समर्थ ने आरोप लगाया कि बाद में उन्हें दूसरे रास्ते से दिल्ली कैंट ले जाया गया और इस दौरान भी उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। समर्थ ने यह भी दावा किया कि जब उनके साथी धर्मेंद्र कुमार ने तबीयत खराब होने और उल्टी आने की बात कही, तो पुलिसकर्मियों ने उनसे बैग में ही उल्टी करने को कहा। ये आरोप प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए हैं। LIVE: Special Congress Party Media Byte | LoP Shri @RahulGandhi | New Delhi https://t.co/lgsCrZbWP5 — Congress (@INCIndia) October 14, 2026 गला पकड़ा, चेहरे पर खरोंच मारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला प्रदर्शनकारी रितु बराला ने हिरासत के दौरान कथित दुर्व्यवहार की आपबीती सुनाई। उनके अनुसार, प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने उतरकर विरोध जारी रखने की कोशिश की। रितु का आरोप है कि महिला कांस्टेबल चंचल यादव ने उनका गला पकड़कर खींचा और धक्का दिया, जिससे वह सीट पर गिर गईं। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद उनके चेहरे और कान के पास नाखूनों से खरोंच मारी गई और विरोध करने पर थप्पड़ भी मारा गया। रितु ने कहा कि वह अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज उठाती रहेंगी। राहुल गांधी ने उनका परिचय कराते हुए उन्हें ‘शेरनी’ कहा और उनके साहस की सराहना की। वीडियो सबूत संभालकर रखें राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों और युवाओं से प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं के वीडियो सबूत सुरक्षित रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करने वालों की आवाज दबाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। राहुल ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के साथ बर्बरता की गई और कहा कि मामले में कानूनी कार्रवाई के लिए कांग्रेस उनका साथ देगी। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को युवाओं की आवाज सुननी चाहिए। राहुल ने यह भी कहा कि पार्टी कथित दुर्व्यवहार को भूलने वाली नहीं है। धर्मेंद्र कुमार ने भी सुनाई आपबीती NSUI कार्यकर्ता धर्मेंद्र कुमार ने भी पुलिसकर्मियों पर मारपीट और धमकाने के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों से अपमानजनक बातें कही गईं और उन्हें नेताओं को बुलाने की चुनौती दी गई। धर्मेंद्र ने कहा कि वे अन्याय के खिलाफ विरोध जारी रखेंगे। इस मामले ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया है। NSUI की ओर से पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि घटना से जुड़े वीडियो और आरोपों की स्वतंत्र जांच महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल, प्रदर्शनकारियों के दावों और पुलिस का पक्ष सामने आने के बीच यह मामला चर्चा में बना हुआ है। ये भी पढ़ें: CJP नेताओं की जेल पर राहुल गांधी ने उठाए सवाल, अभिजीत दिपके बोले- थैंक्यू LoP